Monday, September 29, 2008
औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार
शारदीय नवरात्र की अग्रिम शुभ कामनाएं
Wednesday, September 24, 2008
बालाहेडी आश्रम पर सेवा मिशन जारी, सहयोग की अपील
पिछले करीब सात वर्षों से चल रही इस व्यवस्था के मुख्य समर्थक दौसा जिले के मंडावर कस्बे के थोक व खुदरा दवा विक्रेता श्री दयाशंकर खण्डेलवाल रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से कभी भी दवाओं की आपूर्ति में कसार नहीं आने दी है।
उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था का लाभ आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी लेते हैं जो गुरूजी के अनुभवों का लाभ और माँ भगवती कि कृपा कि तलाश में भारी तादाद में आते ही रहते हैं। ऐसे लोग अपने इलाज का खर्च ख़ुद उठाते हैं।
इस व्यवस्था को अधिक विस्तार देने के लिए सभी सुधिजनों से आर्थिक सहयोग कि अपेक्षा है। आप अपनी सहयोग राशि ख़ुद पधार कर या निम्न पते पर गुरूजी के नाम से भेज सकते हैं।
रेखांकित चेक या ड्राफ्ट महेशानंद (Maheshanand) के नाम से भेजें।
पता है-
श्री गोविन्द आश्रम,
बालाहेडी,
दौसा- 321608
पाँच सौ रूपये या उससे अधिक की राशि भेजनेवालों के नाम इस पन्ने पर प्रकाशित किए जायेंगे। इसे आप सेवा मिशन के तहत कभी भी देख सकते हैं।
बीकानेर से नवीन
अब मोबाइल दफना देना।
कफ़न न मिले तो अपना रुमाल उढ़ा देना।
कोई पूछे कि रोग क्या था?
तो नजरें झुका के अपनी कंजूसी बता देना।
Tuesday, September 23, 2008
अब नौकरियों में कटौती का दौर
एक अनुमान के मुताबिक इस साल अकेले सोफ्टवेयर क्षेत्र में ही हजारों नौकरियां जा सकती हैं क्योंकि इस क्षेत्र की कम्पनियाँ आर्थिक मंदी से गुजर रहीं अमेरिकन कंपनियों पर लगभग पूरी तरह से आश्रित हैं।
दो बहनों का एक पति, तीनों की है मौज
बताया जा रहा है कि कौशिक दत्त नाम के एक व्यक्ति से झुमा और सोमा रायचौधरी नाम कि दो सगी बहनों ने सहर्ष एक साथ विवाह कर लिया। तीनों काफी लंबे समय से आपस में मित्र कि तरह रहते हुए पुस्तक प्रशन का साझे में कारोबार कर रहे है। दोनों बहनों में आपसी तालमेल अच्छा होने के कारण कौशिक ने विवाह कि सहमती जाता दी।
Monday, September 22, 2008
जिन्हें पत्रकारिता का शौक है और जूनून भी
नेहा अमेरिका से भारतीय लोगों के बारे में ख़बर देंगी
कैलिफोर्निया और आसपास बसे भारतीय लोगों का सक्रिय आध्यात्मिक जीवन भी है। नेहा जी हमारे लिए इन सभी बातों का गौर करते हुए हमें सूचित करती रहेंगी। उनसे संपर्क का पता है- nehajiusa@gmail.com
आप सीधे हमसे भी संपर्क कर सकते हैं। हमारा पता है- apneguruji@gmail.com
Wednesday, September 17, 2008
क्रिकेट के हुक्मरानों की नई चालबाजियां
देश में क्रिकेट के आला लम्बरदार बीसीसीआइ ने विश्व क्रिकेट संस्था (आईसीआई) में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए निजी लीग को मान्यता देने से रोक लिया था। इन लंबरदारों को अपनी जागीर को बचाए रखने के लिए मिल कर काम करना जरूरी है। कोई ताज्जुब नहीं कि वे ठीक ऐसा ही कर रहे हैं।
कपिलदेव जैसे धुरंधर और देशप्रेमी क्रिकेटर को इन ठेकेदारों ने न सिर्फ़ अपने साथ जुड़ी संस्थाओं से निकल दिया है वरन मौका पाकर अपमानित करने कि कोशिश भी कि है। याद रहे कि इन हुक्मरानों ने चंडीगढ़ स्टेडियम से कपिलदेव कि तस्वीर हटाने तक की जुर्रत कर ली है। भला हो जन आक्रोश कि जूती का कि उन्हें कपिल की तस्वीर वापस लगानी पड़ी।
अब ताजा ख़बर है कि बंगलादेशी हुक्मरानों ने तकनीकि बहाने बना कर उन ११ खिलाड़ियों के इस्तीफे स्वीकार करने से मना कर दिया है जो भारत आकर प्राईवेट लीग खेलना चाहते हैं।
किसने कहा था कि चोर-चोर मौसेरे भाई। उसको धन्यवाद।
अपनी यादगार बातों को पैगाम बना दें
टाटा एआईजी से सफाई मांगी
टाटा एआईजी में अमेरिकी कंपनी का २६% हिस्सा है। कारोबारी क्षेत्र का अनुमान है की टाटा की मजबूत आर्थिक स्थिति इस मुश्किल की घड़ी में काम आएगी। एआईजी की हिस्सेदारी बाद में किसी दूसरे साझीदार को आसानी से बेची जा सकती है। लेकिन टाटा की ओर से अभी इस दिशा में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है।
एआईजी को बचाने की कोशिश होगी
अभी विगत सोमवार को ही निवेश बैंकिंग के शहंशाह समझे जानेवाले लीमन ब्रदर्स ने ख़ुद को दीवालिया घोषित कर दिया था। उसी दिन एक और बड़े निवेश बैंकर मेरिल लिंच ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसे बैंक आव अमेरिका ने ५० ख़राब डॉलर में खरीदने का फ़ैसला करके संकट को कम करने की कोशिश की है। लेकिन तभी से बैंक आव अमेरिका के शेयरों के भाव गिर गए हैं। निवेशकों को शंका है कि बैंक आव अमेरिका मेरिल के भरी आर्थिक नुकसान को नहीं झेल पायेगा।
सोमवार को ही एआईजी के संकट की ख़बर आई थी। एआईजी का भारत में टाटा से मिल कर बीमा कंपनी का कारोबार है।
71 करोड़ का अक्षय कुमार
अक्षय सुपर स्टारों की कतार में गिने जाने लगे हैं।
पाकिस्तान को घेरने की कोशिश?
सुखोई विमान घातक परमाणविकआयुध ले जाने में सक्षम हैं। भारत सरकार की तरफ़ से अभी ये नहीं बताया गया है कि अचानक इन विमानों कि तैनाती कि क्या जरूरत पड़ गई है।
दिल्ली में राजनयिक सूत्रों ने आशंका जताई है कि भारत को अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बनने के लिए उकसाया है। याद रहे पाकिस्तान कि अफगानिस्तान से लगी सीमा पर अमेरिकी सैनिकों का आतंकवादी विरोधी अभियान जारी है।
पाकिस्तान के लाख विरोध के बावजूद अमेरिकी सैनिकों ने पिछले पखवाड़े में कम से कम तीन बार पाकिस्तानी सीमा का अतिक्रमण कर विद्रोहियों पर हमले किए हैं। इस क्षेत्र के इतिहास में ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि एक संप्रभुता प्राप्त देश कि मर्जी के खिलाफ किसी तीसरी शक्ति ने उसकी सीमा में घुस कर अपने विरोधियों पर हल्ला बोला हो। इससे जाहिर होता है कि अमेरिका आतंकवादियों के सफाए के लिए किस कदर प्रतिबद्ध है।
अमेरिका ने पिछले दिनों खुल कर कहा है कि दुनिया में आतंकवादियों का सबसे बड़ा गढ़ पाकिस्तान ही है.
Tuesday, September 16, 2008
लीमन का कहर
लीमन ब्रदर्स की बर्बादी से पैदा हुए विश्वव्यापी आर्थिक भूचाल ने भारत में भी हजारों नौकरियों को लील लिया है। कंपनी के देश में करीब २५०० कर्मचारी थे। उनकी नौकरियां तो गयीं। साथ में जो और जाने को तैयार हैं अब जरा उनकी सुनें।
- टाटा कंसल्टेंसी और इन्फोसिस ने अपनी कर्मचारी बहाली नीतियों पर पुनर्विचार करने का निर्णय किया है। दूसरे शब्दों में कहें तो ये कम्पनियाँ फिलहाल कोई नई भर्तियाँ नहीं करेंगी। छंटनी की आशंका करें।
- सत्यम कंप्यूटर ने ४५०० कर्मियों की छंटनी करने का फ़ैसला किया है।
- विदोशों में कार्य कर रहे हजारों भारतीय सोफ्टवेयर विशेषज्ञ जल्दी ही घर आने वाले हैं।
- भारतीय मुद्रा रूपये की कमर टूट गई। आज यह डॉलर के मुकाबले करीब २% गिर कर ४६ रूपये पर आ गया।
- पेट्रोलियम आयत खर्च बेतहाशा बढ़ जाएगा। (भारत को प्रति डॉलर अधिक रूपये देने पड़ेंगे।)
- रूपये की कमजोरी का फायदा निर्यातकों को नहीं मिलेगा क्योंकि अमेरिकी आयातक आर्थिक मंदी के शिका रहो जायेंगे।
- पेट्रोलियम की कीमतों में गिरावट का लाभ रुपया के टूटने से कारगर नही रह जाएगा।
- निवेशकों का बाजार से भरोसा लंबे समय के लिए उठ जाएगा।
आतंक के खिलाफ कड़े कानून नहीं लाएगी केन्द्र सरकार: पाटिल
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि आतंकियों के मसले पर अलग से किसी कठोर कानून कि कोई जरूरत नहीं है। सनद रहे कि गुजरात सहित भाजपा शासित कई राज्य सरकारों ने महाराष्ट्र कि तर्ज पर सख्त कानून पारित करने कि मांग कर राखी है। केन्द्र ने उन्हें खारिज कर दिया है जबकि महाराष्ट्र में ऐसा कानून बाकायदा लागू है। इतना ही नहीं सरकार ने आतंकवाद निरोधी कानून (पोटा) भी खत्म कर दिया है।
श्री पाटिल ने स्वीकार किया कि केन्द्र सरकार को दिल्ली में हमले कि आशंका के बारे में पहले से चेतावनी तो मिल गई थी, लेकिन सटीक तारीख और स्थान के बारे में नहीं पता था।
पाटिल के इन बयानों कि काफी तीखी आलोचना हुई है। विपक्षियों ने पाटिल का उपहास करते हुए पूछा कि क्या उनकी सरकार आतंकियों से तारीख, समय और ठिकाना बता कर हमले करने कि आस करती है।
विस्फोट वाले दिन कुछ ही मिनटों के अन्तराल से कई बार पोशाकें बदले जाने को लेकर हो रही आलोचना के जवाब में पाटिल ने कहा कि आप हमारी नीतियों कि आलोचना करें, मेरे पोशाकों कि नहीं।
विपक्ष कि उनकी इस्तीफे कि मांग पर बोलते हुए पाटिल ने कहा कि मुझे सोनिया गाँधी का आशीर्वाद प्राप्त है। मुझे कोई नहीं हटा सकता। विपक्ष कि मांग कि मुझे कोई परवा नही है।
टाटा सिंगुर में रहे तो अच्छा, जाए तो परवा नहीं: ममता
पश्चिम बंगाल के सिंगुर में टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना के लिए किसानों की जमीन लिए जाने का विरोध कर रही विपक्ष की नेता ममता बनर्जी ने कहा है की वे नहीं चाहती की तट अपनी परियोजना बंगाल से हटा कर कहीं और ले जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर परियोजना चली भी जाए तो उन्हें इसकी कोई परवा भी नहीं है। उनको तो बस किसानों से जबरन ली गई जमीन वापस चाहिए।
याद रहे ममता के नेतृत्व में चल रहे आन्दोलन से परेशान होकर टाटा समूह ने अपनी परियोजना सिंगुर से हटा लेने कि धमकी दी है। टाटा कि ओर से प्रस्तावित कारखाने के निर्माण का काम पिछले तीन हप्तों से बंद है।
ममता के आन्दोलन और टाटा कि धमकी से दबाव में आए पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों को दी जानेवाली मुआवजे की राशि में ५० फीसदी बढोत्तरी करने का एलान किया है। लेकिन ममता जमीन वापसी की मांग पर अदि हुई हैं। विरोधी आन्दोलन के मद्देनजर टाटा समूह ने कारखाने का अभी भी बंद कर रखा है।
सभी सुधीजनों को नमन
मेरे प्रिय आत्मन,
मैं पिछले कई हप्तों से ब्लॉग लिख रहा हूँ, लेकिन चिट्ठाजगत में मेरा प्रवेश आज ही हुआ है। मैं उन सभी सुधीजनों को नमन करते हुए धन्यवाद देना चाहता हूँ जिन्होंने समय निकल कर मेरे संदेशों पर टिप्पणियां की हैं।
मैं बचपन से ही एक प्रकाशक बनने का सपना देखता रहा हूँ। धन्यवाद इस आधुनिक तकनीकि युग का जिसने इतनी सुगमता से मेरा सपना पूरा कर दिया है। मै वचन देता हूँ की पत्रकारिता के आदर्शों को सामने रखते हुए मैं आपकी सेवा करता रहूँगा।
आपका अपना- प्रेमपाल
दिल्ली विस्फोटों का मास्टर माईंड अभी भी पकड़ से बाहर
दिल्ली विस्फोटों के मास्टर माईंड अब्दुस subhan कुरैशी का अभी तक अता-पता नहीं मिला है। यह आदमी इंडियन मुजाहिदीन और ऐसे ही कई अन्य संगठनों के पीछे की प्रमुख शक्ति बताया जाता है। राजनीति में इसके कई पैरोकार हैं जो मुस्लिम वोटों के खातिर इसकी गिरफ्तारी के खिलाफ हैं।
याद रहे उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह ने अपनी सरकार बनते ही सिमी पर से प्रतिबन्ध उठा लिया था और वे आज भी सिमी की वकालत करते हैं। यही मुलायम सोनिया के साथ सौदा करके मनमोहन सिंह की सरकार को बचने के लिए आगे आए थे। गुजरात में हुए विस्फोटों के सन्दर्भ में गिरफ्तार संदिध आतंकियों के परिवारों के साथ सहानुभूति जताने के लिए कांग्रेस के कई दिग्गज भी उनके गाँव जाकर मिले थे। सवाल है कि क्या सरकार ऐसे में सचमुच ही सत्तार जैसे आतंकियों कि गिरफ्तारी कर सकेगी?
वैसे दिखावे के लिए सरकार इंटरपोल को भी सत्तार कि गिरफ्तारी के लिए सूचना जारी कर चुकी है। इंटरपोल देश के बाहर निकल गए अपराधियों को पकड़ने में मदद करती है। सत्तार के बारे में अनुमान है कि वह भारत कि सीमा में ही मौजूद है। तो क्या इंटरपोल को बीच में घसीटना राजनीति की नौटंकी है?

