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Wednesday, September 17, 2008

टाटा एआईजी से सफाई मांगी

भारतीय बीमा नियामक 'इरडा' ने टाटा एआईजी से उसके साझीदार एआईजी के आर्थिक संकट के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
टाटा एआईजी में अमेरिकी कंपनी का २६% हिस्सा है। कारोबारी क्षेत्र का अनुमान है की टाटा की मजबूत आर्थिक स्थिति इस मुश्किल की घड़ी में काम आएगी। एआईजी की हिस्सेदारी बाद में किसी दूसरे साझीदार को आसानी से बेची जा सकती है। लेकिन टाटा की ओर से अभी इस दिशा में आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है।

एआईजी को बचाने की कोशिश होगी

अमेरिका की केन्द्रीय सरकार ने दीवालिया होने की कगार पर खड़े एआईजी को बचाने के लिए ८५ ख़राब डॉलर की मदद का एलान किया है। यह कंपनी बीमा क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है और इसके डूबने से अमेरिका ही नहीं दुनिया के देशों में आर्थिक और कारोबारी संकट पैदा हो की आशंका है।
अभी विगत सोमवार को ही निवेश बैंकिंग के शहंशाह समझे जानेवाले लीमन ब्रदर्स ने ख़ुद को दीवालिया घोषित कर दिया था। उसी दिन एक और बड़े निवेश बैंकर मेरिल लिंच ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसे बैंक आव अमेरिका ने ५० ख़राब डॉलर में खरीदने का फ़ैसला करके संकट को कम करने की कोशिश की है। लेकिन तभी से बैंक आव अमेरिका के शेयरों के भाव गिर गए हैं। निवेशकों को शंका है कि बैंक आव अमेरिका मेरिल के भरी आर्थिक नुकसान को नहीं झेल पायेगा।
सोमवार को ही एआईजी के संकट की ख़बर आई थी। एआईजी का भारत में टाटा से मिल कर बीमा कंपनी का कारोबार है।