Saturday, September 13, 2008

दिल्ली में विस्फोट: कमजोर सरकार पर एक और चोट

आज दिल्ली में भी देश के कई दूसरे नगरों की तरह लगातार कई बमों के धमाके हुए। सरकार बताती है तीन लोग मारे गए। लोग जानते हैं भारत में झूठों का पुलिंदा बाँटना सरकारों का चरित्र रहा है। लोग तो बहुत अधिक मारे गए होंगे।
आख़िर क्या वजह है कि भारत में ही ऐसे धमाके होते रहते हैं? दुनिया में मुसलमानों को सबसे ज्यादा चिढ अमेरिका से है। लेकिन गौर करें कि वहां हिंदुस्तान कि तरह आए दिन आतंकी वारदातें नहीं होतीं। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिराने कि घटना के बाद वहां कोई बड़ी वारदात करने कि हिम्मत आतंकियों की नहीं हुई। आख़िर क्यों?
अमेरिका एक सख्त देश है और वह आतंकियों से किसी भी मुद्दे पर सोदबजी नही करता। इसके उलट भारत का इतिहास कायराना रहा है।
विश्वनाथ प्रताप से लेकर भाजपाई सरकारों ने लगातार आतंकियों से समझौते किए हैं। सोनिया के इशारे पर नाचनेवाली मौजूदा सरकार से किसी भी किस्म के सार्थक कदम उठाने की उम्मीद करना बेमानी है।
आख़िर हमारी जनता कब तक ऐसी सरकारें चुनती रहेगी और ख़ुद का नाश करवाती रहेगी?
इस मुद्दे पर मैं आपके विचार जानना चाहूँगा।

सातवें आसमान की सैर

सातवें आसमान की सैर हम कर आए
हर एक तारे से दोस्ती हम कर आए
एक तारा खास था जिसे हम साथ लाये
वर्ना जरा सोचिये आप जमीन पर कैसे आए?

माइंडशेपर्स की विस्तार योजना

जयपुर में चार्टर्ड अकौंटैंट्स की ट्रेनिंग देनेवाली संस्थाओं में सबसे तेजी से विस्तार कर रही माइंडशेपर्स ने अपनी बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर क्षमता के विस्तार की योजना बनाई है।
संस्था के संचालकद्वय, श्री अनिल अगरवाल और श्री नरेश टेलर, ने बताया है कि छात्रों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने के लिए अधिक जगह लेने और सीट्स बढ़ाने की तैयारी है।
इसके अलावा दुबई में भी आडिट के काम को जारी रखने के लिए एक दफ्तर वहां भी खोला जा रहा है। फिलहाल दोनों संचालकों ने बारी-बारी से हर महीने एक सप्ताह के विजिट की योजना बनाई है.

अलौकिक जीवन साधना

कल्याणमय पञ्च-सूत्र
१- यज्ञ हमारा धर्म है।
फल की कामना से छूट कर किए जानेवाले कर्म ही यज्ञ हैं। इस प्रकार से अपने स्वाभाविक कर्मों में तत्पर रहना ही हमारा धर्म है।
२- आनंद हमारी जाति है।
सुख में इतराए नहीं। दुःख में घबराए नहीं। दोनों ही दशाओं में सम रहने का नाम आनंद है। यही हमारी जाति है।
३- उत्सव हमारा परिचय है।
जीवन आदि से अंत एक उत्सव है। जो कुछ भी करें, प्रसन्न मन से करें। यह मुदिता ही हमारा परिचय है।
४- अपनत्व हमारी साधना है।
मन से परायेपन का भाव जितना ही दूर होगा, परमात्मा हमारे उतना ही करीब होगा। अखिल ब्रह्माण्ड को अपने ही अस्तित्व का विस्तार मानना अपनत्व है। इसी का अभ्यास हमारी साधना है।
५- ब्रह्मत्व हमारा लक्ष्य है।
परमेश्वर के सहज-स्वरुप को जानकर उसमें स्थित हो जाना ब्रह्मत्व है। उस परमगति को पाना हमारा लक्ष्य है।

मलेरिया का चौतरफा हमला

राजस्थान में इन दिनों में मलेरिया का प्रकोप हर साल ही देखने को मिलता है। लेकिन इस साल राज्य में मलेरिया से होने वाली मौतें कुछ ज्यादा ही देखने में आ रही हैं। राजधानी जयपुर में सरकारी आंकडों के अनुसार अब तक १४ से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ताजा जानकारी के अनुसार राज्य के कई अन्य जिलों में भी मलेरिया से होनेवाली मौत का तांडव शुरू हो गया है।
प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है की वे मच्छरों से बचाव के तरीकों को अपनावें और अपने निवास के इर्द-गिर्द गंदे पानी को जमा नहीं होने दे।
राज्य सरकार के मुताबिक सभी राजकीय चिकित्सालयों में आवश्यक दवाओं का समुचित प्रबंध कर दिया गया है।

Monday, September 8, 2008

आज का भाग्यांक


1, 5, 7, 9,

पुत्ररत्न की प्राप्ति पर हमारी शुभकामनायें

प्रिय दीदी,
प्रथम पुत्ररत्न की प्राप्ति पर हमारी बधाइयाँ। हमारा भानजायुग-युग जीए और तुम्हें आनंदित करता रहे।

---गोलू, मुन्ना, योगेश, विमल और हमारे सारे दोस्त.